यह क्या है
आप पाव भाजी मसाला (Pav bhaji masala) को बारीक पिसे हुए सूखे पाउडर की तरह इस्तेमाल करते हैं। यह पाव भाजी का असली स्वाद देने वाला मसाला है, जहाँ मसली हुई मसालेदार सब्ज़ी मक्खन लगे पाव के साथ परोसी जाती है, जो मुंबई का मशहूर स्ट्रीट फूड है।
महाराष्ट्र में मराठी नाम भी यही है: पाव भाजी मसाला। भुने हुए जीरे और धनिया के कारण इसकी खुशबू तेज़ होती है, और जैसे-जैसे कड़ाही गरम होती है, चक्र फूल और सौंफ जैसी खुशबुएँ खुलकर आती हैं।
स्वाद और खुशबू
लौंग, दालचीनी और काली इलायची से गरमाहट भरा स्वाद आता है। काली मिर्च और सूखी लाल मिर्च से तेज़पन मिलता है, और लौंग की तीखी झलक भी रहती है। आमचूर साफ़-सा खट्टापन देता है, जबकि भुना जीरा, धनिया के बीज, चक्र फूल और सौंफ इसे बहुत सुगंधित बनाते हैं। मक्खन में खिलाकर मसली हुई सब्ज़ियों के साथ मिलाएँ तो स्वाद गहरा और चटपटा-गरमाहट भरा हो जाता है, जो उबली सब्ज़ियों और भरपूर मक्खन की मिठास को संतुलित करता है।
खाने में इस्तेमाल
कब डालें
कितना डालें
पाव भाजी के लिए, पकाते समय भुने प्याज़-टमाटर में मसाला मिलाएँ ताकि यह मसली हुई सब्ज़ी में अच्छे से घुल जाए। गरम भाजी पर थोड़ा सा ऊपर से छिड़क दें, या पाव सेकते समय पिघले मक्खन में ज़रा सा मसाला डाल दें। स्ट्रीट-स्टाइल में, एक्स्ट्रा बटर या तेल के तड़के में मसाला डालकर उबलती भाजी पर ऊपर से डालते हैं।
मुंबई-स्टाइल तवा पुलाव में भी यही मसाला लगता है, जहाँ चावल और सब्ज़ियाँ तवे पर भूनकर मिलाई जाती हैं। मसाला पाव में भी इसका इस्तेमाल होता है, जहाँ पाव पर मसालेदार, बटर वाली टमाटर ग्रेवी लगाई जाती है।
इसकी जगह क्या डालें
- Garam masala and amchurगरम मसाला और सूखा आमचूर पाउडर बराबर मात्रा में मिलाएँ।
खरीदना और रखना
अच्छी क्वालिटी कैसे पहचानें
अच्छे पाव भाजी मसाले में भुनेपन की साफ़ खुशबू आती है और रंग स्वाभाविक सुर्ख-भूरा होता है, उसमें मिलाए हुए कृत्रिम रंग नहीं होते।
मिलावट की आसान जाँच
- स्टार्च फिलर्स के लिए: टिंचर ऑफ आयोडीन की एक बूँद डालें, स्टार्च होने पर रंग नीला-काला हो जाता है (FSSAI DART)।
- पिसी भूसी या बुरादा के लिए: पाउडर को पानी पर छिड़कें; मिलावट ऊपर तैरती है जबकि शुद्ध मसाले नीचे बैठते हैं (FSSAI DART)।
कैसे रखें
एयरटाइट काँच या फूड-ग्रेड डिब्बे में, गर्मी, सीधी धूप और नमी से दूर रखें ताकि वाष्पशील तेल बने रहें।
कितने दिन चलता है: सही तरह रखने पर 9 से 12 महीने।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पाव भाजी मसाला कब डालना चाहिए?
पकाते समय भुने प्याज़-टमाटर में मिलाएँ ताकि मसला हुआ बेस में घुल जाए। थोड़ा ऊपर से छिड़क सकते हैं, या एक्स्ट्रा बटर या तेल के तड़के में डालकर उबलती भाजी पर डालें।
4 सर्विंग के लिए पाव भाजी मसाला कितना लें?
1 से 2 बड़े चम्मच।
पाव भाजी के अलावा इसे और कहाँ इस्तेमाल करें?
मुंबई-स्टाइल तवा पुलाव में डालें और मसाला पाव बनाएँ, जहाँ पाव पर मसालेदार, बटर वाली टमाटर ग्रेवी लगती है।
जल्दी में इसका सब्स्टिट्यूट क्या है?
गरम मसाला और आमचूर बराबर मात्रा में मिलाएँ, इससे गरम और खट्टा स्वाद मिलता है।
घर पर मिलावट कैसे जाँचें?
FSSAI DART दो जाँच सुझाता है: स्टार्च फिलर्स हों तो टिंचर ऑफ आयोडीन नीला-काला हो जाता है। पानी पर पाउडर छिड़कें, पिसी भूसी या बुरादा तैरता है जबकि शुद्ध मसाले नीचे बैठते हैं।





